भूख कैसे बढ़ाएं?

आपकी भूख दो हॉर्मोन द्वारा नियंत्रित की जाती है जिसमें एक ग्रहलीन (Ghrelin) है जिससे आपको लगता है कि आप भूखे हैं और दूसरा है लेप्टिन (leptin) जो आपके दिमाग को बताता है कि अब आपका पेट भर गया है। ये हॉर्मोन कभी भी किसी कारण से अनियंत्रित हो सकते हैं लेकिन फिर भी आप इन केमिकल्स को बैलेंस कर सकते हैं। अगर आपके हॉर्मोन ठीक हैं या आपको ठीक से भूख लग रही है तो भी आप कई ट्रिक से अपनी डाइट बढ़ा सकते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखिये की यदि लंबे समय से आपको भूख नहीं लग रही है और आप किसी बीमारी की अवस्था में हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लीजिए।

भूख ना लगने के कारण-

भूख न लगना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आपने गौर किया होगा कि जब किसी बीमारी में होते हैं तो हमें स्वतः ही भूख नहीं लगती इसलिए ये बहुत जरूरी हो जाता है जब हमें अचानक भूख लगनी बंद हो जाये तो हमें अपने डॉक्टर से मिल लेना चाहिए।

  • गंभीर बीमारियां जैसे- कैंसर,लिवर की बीमारी,किडनी की बीमारी,दिल की बीमारी, अस्थमा,हेपेटाइटिस, HIV और कुछ थाइरॉइड की बीमारी।
  • कुछ अन्य तकलीफें जैसे- यूरिन का इंफेक्शन, सर्दी जुकाम, डाइबिटीज, पेट में एसिड का ज्यादा बनना भी भूख ना लगने के कारण हो सकते हैं।
  • अगर कोई महिला गर्भवती हो, पेट साफ ना हो रहा हो या उसे उल्टी आने का मन हो तो भी भूख नहीं लग सकती है।
  • कुछ दवाईयां जैसे- कीमोथेरेपी, पेनकिलर्स (दर्द की दवा), एंटीडिप्रेसेंट (तनाव कम करने वाली दवा)।

तनाव,थकान और डिप्रेसन भी मुख्य कारण होते है भूख ना लगने के। कुछ इमोशनल या मेन्टल कंडीशन के वजह से भी भूख नहीं लग सकती है।

*अगर आप अपनी बॉडी इमेज को लेकर गंभीर हैं और आप भूख लगने के बावजूद खुद से ही खाना नहीं खा रहें हैं या कम खा रहे हैं तो बेहतर होगा एक बार अपने डाईटीशियन या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

छोटे बच्चों और बड़ी उम्र के लोगों में भूख न लगना एक आम बात है। छोटे बच्चे हमेशा खाने को लेकर लापरवाही करते हैं और खाते समय उधम मचाते हैं इसलिए बच्चों में भूख कम लगती है जो नार्मल है। चिंता वाली बात तब हो जाती है जब बच्चों का वजन कम हो रहा हो या बच्चा पुरे दिन ही खाना खाने से मना कर रहा है।

भूख कैसे बढ़ाएं-

हम अपनी लाइफस्टाइल में कुछ परिवर्तन कर के भी भूख बढ़ा सकते हैं।

  • अपनी डाइट में से शुगर (चीनी) वाली ड्रिंक्स हटा कर।

सुक्रोज, जो सोडे में पाया जाने वाला चीनी का प्रकार है, आपको भरा हुआ महसूस कराता है। इस फैक्ट के अलावा कि सोडा वास्तव में आपके लिए खराब है, ये आपकी भूख को नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन के साथ खिलवाड़ करता है। यदि आप स्वस्थ भूख को बनाये रखना चाहते हैं तो सोडा,मीठे रस और एनर्जी ड्रिंक से बचें।

शुगर से बनने वाले अन्य प्रकार जैसे फ्रुक्टोज़,ग्लूकोज़ आपके भूख वाले हॉर्मोन को कम नुकसान पहुंचाते हैं।

  • दिनभर के खाने को 4-6 बार थोड़ा-थोड़ा खा कर।

अगर आप दिन भर में 3 बार खाना खा रहे हैं तो आप महसूस करेंगे कि आपका पेट भरा सा है तो आप अपनी कैपिसिटी के हिसाब से कम ही खा पा रहे हैं। और यदि आप इसी खाने को 4-6 बार थोड़ा-थोड़ा कर के खा रहे हैं तो आप ज्यादा भी खा पाएंगे और आपका मेटाबोलिज्म भी सही रहेगा।

ग्रहलीन (Ghrelin) हॉर्मोन जो भूख को नियंत्रित करता है वो हर 4 घंटे में भूख लगाने का काम करता है इसलिए अगर आप हर 4 घंटे में कुछ न कुछ खा रहें हैं तो आपकी भूख बरकरार रहेगी।

नाश्ता बिल्कुल भी न छोड़े। नाश्ते में तब भी हल्का स्नैक ले लें इससे आपका मेटाबोलिज्म सही रहेगा और दिन भर भूख बनी रहेगी।

  • खाना खाते समय अपने को बिजी रखो।

खाना खाते समय अपना ध्यान कहीं दूसरी जगह लगा कर जैसे टी. वी., स्मार्टफोन, चैटिंग, दोस्तों से बात करने से आप अपने दिमाग को कहीं और लगाने लगते हैं और आप पेट भर के खाना भी खाते रहते हैं।

भूख बढ़ाने के लिए कौन सा विटामिन्स लेना चाहिए?

आप अपने डॉक्टर से जिंक, थियामिन, फिश ऑयल के बारे सलाह लें। ये सप्लीमेंट्स आपकी भूख बढ़ाने में मदद कर सकते हैं लेकिन एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें।

भूख बढ़ाने वाली दवाएं –

एलोपैथी या अंग्रेज़ी दवाएं तो हैं ही साथ ही कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाएं भी हैं। एलोपैथी में भूख बढ़ाने वाली दवाएं तो बहुत सी हैं जैसे मिरताजापिन,मेगेस्ट्रोल एसीटेट (mirtazapine, megestrol acetate),सिप्रोहेप्टादिन आदि जो कि बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं दी जाती। इन दवाओं के बहुत साइड इफेक्ट्स होते हैं।

  • तेज़ साइड इफेक्ट्स में जैसे मूड चेंज, खून का थक्का जमना आदि।

आयुर्वेदिक उपचार भी कर सकते हैं जैसे- धनिया, छोटी इलायची और काली मिर्च को समान मात्रा में पीसकर उसमें चौथाई चम्मच घी और चीनी मिला लें। इसके बाद इस मिश्रण को खाने से पहले खाएं, इससे आपकी भूख बढ़ जाएगा। भूख बढ़ाने के लिए छाछ का उपयोग भी कर सकते हैं। रोजाना छाछ का सेवन करने से पेट से जुडी समस्याएं खत्म हो जाती हैं और भूख बढ़ती है। आयुर्वेदिक दवा रेडीमेड भी आती हैं जैसे पतांजलि की लिव-अमृत, हिमालया की लिव-52.

Published by Sunil

#pharmacist #traveler #writer

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