
***ये टॉपिक इन्फॉर्मेशन के लिए है इसे अन्यथा ना लें।
Condom क्या है?
Condom रबड़ या लैटेक्स का बना पतला आवरण है जिसे गर्भ रोकने के लिए यूज़ किया जाता है। वैसे तो बाज़ार में 2 प्रकार के condom मिलते हैं एक जिसे पुरुषों द्वारा यूज़ किया जाता है और एक जिसे महिलाओं द्वारा यूज़ किया जाता है। लेकिन आज हम पुरुषों वाले कंडोम (external condom या male condom) की बात करते हैं।
दोस्तों वैसे तो ये टॉपिक हमारे समाज के हिसाब से बड़ा सेंसेटिव है लेकिन condom भी तो ये ही समाज यूज़ करता है इसलिए इस पर खुल कर बात भी होनी चाहिए।
दोस्तों कॉन्डोम का साइज और शेप पुरुषों के लिंग के साइज और शेप का होता है जिस से उसे पहनने में आसानी हो। दोस्तों आजकल मार्केट में कई कंपनियां इन्हें नए-नए फ्लेवर, कलर, डॉटेड आदि प्रकार के कॉन्डोम ला रही है। कॉन्डोम 1 पीस की पैकिंग से लेकर 20 पीस की पैकिंग तक उपलब्ध हैं।
Condom का यूज़ क्या है?
कॉन्डोम का यूज़ पुरुष के शुक्राणुओं को महिला के गर्भाशय में जाने से रोकने के लिए होता है जिससे गर्भ धारण रोका जा सके।
कॉन्डोम के इस्तेमाल से कई यौन संचारित बीमारियों (sexual transmitted disease जैसे HIV, AIDS) जो गंभीर होती हैं उन्हें दूर करने में मदद मिलती है।
Condom इस्तेमाल कैसे करें?
1: हर बार यौन संबंध बनाने के लिए एक नए और अच्छी गुणवत्ता वाले कॉन्डोम का उपयोग करें।
2: उपयोग से पहले एक्सपायरी डेट और कॉन्डोम के पैकेट हल्के से दबा कर देखें कि उसमें हवा है या नहीं, हवा है तो मतलब कॉन्डोम सही है।

3: कॉन्डोम को इसके पैकेट से निकालें। कैंची का उपयोग न करें और ध्यान रखें कि इसे बाहर खींचते समय यह फटे नहीं।

4: जननांग से किसी भी तरह के संपर्क से पहले कॉन्डोम को लिंग पर लगाएं।
5: सावधानी के साथ, हवा को निकालने के लिए कॉन्डोम को टिप से पकड़ें। इससे स्खलन के बाद वीर्य के संग्रह के लिए स्पेस बन जायेगा ।

6: तने लिंग पर एक हाथ से कॉन्डोम लगाएं। दूसरे हाथ से तने लिंग की जड़ तक इसे नीचे की तरफ खोलते जाएं।

7: केवल पानी आधारित चिकनाई का उपयोग करें, जैसे कि जेली। तेल आधारित चिकनाई, जैसे कि बेबी ऑयल, वैसलीन से कॉन्डोम फट सकता है।

8: स्खलन के बाद और लिंग के नरम होने से पहले, कॉन्डोम के सिरे को पकड़ें और सावधानी से निकालें। निकालने के दौरान कॉन्डोम का सिरा पकड़ें और ध्यान रखें कि वीर्य बिखरे नहीं।

9: इस्तेमाल किए गए कॉन्डोम को ठीक से निपटाएं।

10: यदि यौन संबंध बनाने के दौरान कॉन्डोम फट जाता है या फिसल जाता है, तो आपको जल्द से जल्द आपातकालीन गर्भनिरोधक (पोस्टकोइटल गर्भनिरोधक) के लिए चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
*Art By- Victor Martins
Condom के बारे में अन्य बातें –
आजकल कॉन्डोम के बाहरी आवरण पर उभरे हुए डॉट या बिना डॉट के कॉन्डोम भी आते हैं जिन्हें पैकेट के पीछे बने चित्र देख कर आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि उसमें डॉट किस प्रकार के हैं या वो बिना डॉट का है या उसका डिज़ाइन कैसा है।






कॉन्डोम के पैकेट के बाहर उसके फ्लेवर और लुब्रीकेंट की भी जानकारी होती है तो आप उसे भी अपने मनचाहे फ्लेवर में ले सकते हैं। कॉन्डोम एक बार में एक से ज्यादा ना यूज़ करें। मतलब दो एकसाथ नहीं लगाने हैं। कॉन्डोम यूज़ एंड थ्रो होते हैं इसलिए दोबारा इस्तेमाल ना करें।
कॉन्डोम के साइड इफ़ेक्ट –
- कॉन्डोम के लुब्रीकेंट से किसी-किसी को खुजली या जलन हो सकती है, ऐसी स्थिति में अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
- कॉन्डोम के रबड़ से भी किसी-किसी खुजली या जलन हो सकती ऐसे में पॉलीयुरेथीन से बने कॉन्डोम इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कॉन्डोम उंगली के नाखून, अंगूठियां और तीखी चीजों द्वारा आसानी से फट जाता है।
भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा भी फ्री में ‘निरोध’ नाम से कॉन्डोम बाटें जाते हैं साथ ही साथ स्कूलों में बच्चों को कॉन्डोम के बारे में सारी जानकारी दी जाती है।
http://naco.gov.in/condom-promotion
https://health.uk.gov.in/pages/display/105-national-aids-control-programme
