पेट साफ कैसे हो?

दोस्तों आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज या पेट साफ न होना हर उम्र के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बनती जा रही है और इससे अनेक प्रकार की बीमारियां जन्म लेती हैं।

कब्ज क्या है? What is Constipation?

कब्ज डाईजेस्टिव सिस्टम (पाचन तंत्र) की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति का मल बहुत हार्ड हो जाता है और उसे मलत्याग में दिक्कत आ रही हो। कब्ज में मलनिष्कासन की मात्रा बहुत कम हो जाती है, मल टाइट हो जाता है और उसे निकालने में जोर लगाना पड़ता है।

कब्ज होने के कारण –

  • शरीर में पानी की कमी होना।
  • सही समय पर भोजन ना करना।
  • व्यायाम ना करना, एक ही जगह बैठे काम करना, कम चलना।
  • चाय,कॉफी,शराब और धूम्रपान करना।
  • रेशेदार भोजन काम करना या ना करना।
  • कुछ खास दवाओं को लेना।
  • भोजन बहुत ही कम करना।
  • थाइरॉइड हॉर्मोन का कम बनना।
  • ज्यादा व्रत रखना।
  • जल्दबाज़ी में भोजन करना।
  • ऐसा भोजन जो पचने में बहुत टाइम लगाये, का सेवन करना।
  • आंत, लिवर की बीमारी का होना।

कब्ज का घरेलू ईलाज-

  • पानी खूब पीना।
  • रेशेदार भोजन लेना जैसे- साबुत अनाज, भिंडी।
  • ताजे फल और सब्जियां लेना।
  • रोजाना व्यायाम और चलना चाहिए।
  • फैटी या वसा युक्त भोजन ना करना या बहुत कम करना।

पेट साफ रखने के आयुर्वेदिक उपाय –

*ज्यादा समस्या होने पर अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  1. नमक – छोटी हरड़ और काला नमक समान मात्रा में मि‍लाकर पीस लें। रोज रात को इसकी दो चाय की चम्‍मच गर्म पानी से लेने से दस्‍त साफ आता हैं।
  2. ईसबगोल – दो चाय चम्‍मच ईसबगोल 6 घण्‍टे पानी में भि‍गोकर इतनी ही मि‍श्री मि‍लाकर जल से लेने से दस्‍त साफ आता हैं। केवल मि‍श्री और ईसबगोल मि‍ला कर बि‍ना भि‍गोये भी ले सकते हैं।
  3. चना – कब्‍ज वालों के लि‍ए चना उपकारी है। इसे भि‍गो कर खाना अच्छा होता है। यदि‍ भीगा हुआ चना न पचे तो चने उबालकर नमक अदरक मि‍लाकर खाना चाहि‍ए। चने के आटे की रोटी खाने से कब्‍ज दूर होती है। यह पौष्टिक भी है। केवल चने के आटे की रोटी अच्‍छी नहीं लगे तो गेहूं और चने मि‍लाकर रोटी बनाकर खाना भी लाभदायक है। एक या दो मुटठी चने रात को भि‍गो दें। सुबह जीरा और सौंठ पीसकर चनों पर डालकर खायें। घण्‍टे भर बाद चने भि‍गोये गये पानी को भी पी लें। इससे कब्‍ज दूर होगी।
  4. बेल – पका हुआ बेल का गूदा पानी में मसल कर मि‍लाकर शर्बत बनाकर पीना कब्‍ज के लि‍ए बहुत लाभदायक हैं। यह आँतों का सारा मल बाहर नि‍काल देता है।
  5. नीबू – नीबू का रस गर्म पानी के साथ रात्रि‍ में लेने से दस्‍त खुलकर आता हैं। नीबू का रस और शक्‍कर प्रत्‍येक 12 ग्राम एक गि‍लास पानी में मि‍लाकर रात को पीने से कुछ ही दि‍नों में पुरानी से पुरानी कब्‍ज दूर हो जाती है।
  6. नारंगी – सुबह नाश्‍ते में नारंगी का रस कई दि‍न तक पीते रहने से मल प्राकृति‍क रूप से आने लगता है। यह पाचन शक्‍ति‍ बढ़ाती हैं।
  7. मेथी – मेथी के पत्‍तों की सब्‍जी खाने से कब्‍ज दूर हो जाती है।
  8. गेहूँ – गेहूँ के पौधों (गेहूँ के जवारे) का रस लेने से कब्‍ज नहीं रहती है।
  9. सौंफ – सोते समय आधा चम्‍मच पि‍सी हुई सौंफ की फंकी गर्म पानी से लेने से कब्‍ज दूर होती है।
  10. दालचीनी – सोंठ, इलायची जरा सी मि‍ला कर खाते रहने से लाभ होता है।
  11. टमाटर कब्‍जी दूर करने के लि‍ए अचूक दवा का काम करता है। अमाश्‍य आँतों में जमा मल पदार्थ नि‍कालने में और अंगों को चेतनता प्रदान करने में बडी मदद करता है। शरीर के अन्‍दरूनी अवयवों को स्‍फूर्ति‍ देता है।

पेट साफ रखने के अन्य उपाय –

1) इसबगोल की भूसी कब्ज में परम हितकारी है। दूध या पानी के साथ 2-3 चम्मच इसबगोल की भूसी रात को सोते वक्त लेना फ़ायदे मंद है। दस्त खुलासा होने लगता है।यह एक कुदरती रेशा है और आंतों की सक्रियता बढाता है।

2) नींबू कब्ज में गुणकारी है। मामूली गरम जल में एक नींबू निचोड़कर दिन में 2-3 बार पियें। जरूर लाभ होगा।

3) एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच घी मिलाकर रात को सोते समय पीने से भी कब्ज रोग का समाधान होता है।

4) एक कप गरम जल में १ चम्म्च शहद मिलाकर पीने से कब्ज मिटती है। यह मिश्रण दिन में 3 बार पीना हितकर है।

5) जल्दी सुबह उठकर एक लिटर मामूली गरम पानी पीकर 2-3 किलोमीटर घूमने जाएं। कब्ज का बेहतरीन उपचार है।

6) दो सेब प्रतिदिन खाने से कब्ज में लाभ होता है।

7) अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कब्ज रोगी के लिये अमॄत समान है। ये फ़ल दिन में किसी भी समय खाये जा सकते हैं। इन फ़लों में पर्याप्त रेशा होता है और आंतों को शक्ति देते हैं। मल आसानी से विर्सजित होता है।

8) अंगूर में कब्ज निवारण के गुण हैं। सूखे अंगूर याने किश्मिश पानी में 3 घन्टे गलाकर खाने से आंतों को ताकत मिलती है और दस्त आसानी से आती है। जब तक बाजार में अंगूर मिलें नियमित रूप से उपयोग करते रहें।

9) अलसी के बीज का मिक्सर में पावडर बनालें। एक गिलास पानी में 20 ग्राम के करीब यह पावडर डालें और 3-4 घन्टे तक गलने के बाद छानकर यह पानी पी जाएं। बेहद उपकारी ईलाज है। अलसी में प्रचुर ओमेगा फ़ेटी एसिड्स होते हैं जो कब्ज निवारण में महती भूमिका निभाते हैं।

10) पालक का रस या पालक कच्चा खाने से कब्ज नाश होता है। एक गिलास पालक का रस रोज पीना उत्तम है। पुरानी से पुरानी कब्ज भी इस सरल उपचार से मिट जाती है।

11) अंजीर कब्ज हरण फ़ल है। 3-4 अंजीर फ़ल रात भर पानी में गलायें सुबह खाएं। आंतों को गतिमान कर कब्ज का निवारण होता है।

12) बड़ी मुनक्का पेट के लिए बहुत लाभप्रद होती है। मुनका में कब्ज नष्ट करने के तत्व हैं। 7 नग मुनक्का रोजाना रात को सोते वक्त लेने से कब्ज रोग का स्थाई समाधान हो जाता है। एक तरीका ये हैं कि मुनक्का को दूध में उबालें कि दूध आधा रह जाए । गुन गुना दूध सोने के आधे घंटे पहले सेवन करें। मुनक्का में पर्याप्त आयरन होता है और दूध में आयरन नहीं होता है इसलिए दूध में मुनक्का डालकर पीया जाए तो आयरन की भी पूर्ती हो जाती है।

पेट साफ की एलोपैथी दवायें –

1) बिसाकोडिल – ये टेबलेट और सपोजिट्री फॉर्म में उपलब्ध होती हैं।

2) फिनॉफ्थलीन टेबलेट

3) लैकटूलोज़ लिक्विड

4) सोडियम पिकोसलफेट

5) मैग्नीशियम साइट्रेट आदि

**एलोपैथी दवाओं का सेवन बिना डॉक्टर के सलाह के बिल्कुल ना करें।

Published by Sunil

#pharmacist #traveler #writer

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started